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एनएच ने बाइपास के लिए की मार्किंग, एनएचएआई ने कहा हम बनाएंगे

NEWSDESK
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हाल ही में स्टेट हाइवे से नेशनल हाइवे 552 का दर्जा पाने वाली एमएस रोड पर राज्य शासन की एजेंसी नेशनल हाइवे(एनएच) बाइपास बनाने जा रही थी। इसके लिए एनएच ने जमीन अधिग्रहण की मार्किंग भी शुरू करवाई थी। लेकिन बाद में एनएच को नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने बताया कि बहुत जल्द यहां से 6 लेन हाइवे बनाया जाएगा। इसके बाद एनएच ने इस बाईपास को न बनाने का निर्णय लिया है।

ज्ञात हो सबलगढ़ से मुरैना तक एमएस रोड स्टेट हाइवे और अंबाह से भिंड तक स्टेट हाइवे को जोड़कर नेशनल हाइवे 552 घोषित किया गया था। इस प्रोजेक्ट की कमान राज्य शासन की एजेंसी एनएच को सौंपी गई है। एनएच ने मुरैना गांव से हाइवे पर अंबाह बाईपास तिराहे तक और अंबाह बाईपास तिराहे से अंबाह रोड तक स्थित बाईपास वाली जगह पर फोर लेन बाईपास बनाने की योजना बनाई थी। इसके लिए एनएच ने हाल ही में जमीन अधिग्रहण के लिए यहां मार्किंग की। इस दौरान एनएचएआई से हुई बातचीत में एनएच को पता चला कि मुरैना गांव से निबी तक 6 लेन हाइवे बनने जा रहा है। ऐसे में एक ही हाइवे को दो लोग नहीं बना सकते थे। जिसके चलते एनएच ने अपना प्लान वापस ले लिया।

अब अंबाह बाईपास को ही बनाएगा एनएचः मुरैना गांव से हाइवे तक का बाईपास एनएचएआई द्वारा बनाए जाने के चलते अब मुरैना में एनएच द्वारा अंबाह बाईपास को ही फोर लेन बनाया जाएगा। इससे बाईपास की लागत कम हो जाएगी। इससे सबसे बड़ा लाभ शहर के लोगों को होगा। क्योंकि वर्तमान में अंबाह बाईपास की हालब बेहद खराब है। इस बाईपास के बनने के बाद शहरी क्षेत्र की एमएस रोड एनएच-552 से डिलीट हो जाएगी। इसके बाद शहर की सड़क पीडब्ल्यूडी या किसी दूसरी स्थानीय एजेंसी के सुपुर्द हो जाएगी।

तो एक ही हाइवे से गुजरेगा ट्रैफिक

एनएचएआई द्वारा मुरैना गांव से निबी तक बनाए जा रहे 6 लेन हाइवे से एक सड़क अंबाह पाई पास तक पहुंचेगी। यानि मुरैना गांव से अंबाह बाईपास एप्रोच रोड तक का सफर एनएच-552 के वाहन एनएच-3 पर करेंगे। यह दोनों हाइवे इस मामूली दूरी में एक हो जाएंगे। यह अपने आप में नया प्रयोग भी होगा।

जहां जरूरत वहां अधिग्रहणइस मामले में एनएचएआई साफ कर चुकी है कि मुरैना गांव से निबी तक 6 लेन हाइवे बनाने के लिए उन्हें जमीन अधिगृहित करनी होगी,लेकिन एनएच भी फोर लेन बाईपास के लिए मौजूदा जगह के कम पड़ने पर जमीन अधिग्रहित कर सकता है। लेकिर बताया जा रहा है कि मुरैना बाईपास पर कुछ जगहों केा छोड़कर इसके लिए पर्याप्त स्थान है।

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