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आज है हनुमान जयंती, जानिए क्या है पूजा मुहूर्त, विधि और मंत्र?

News Desk
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आज यानी शनिवार, 12 अप्रैल को हनुमान जयंती हैं। इस दिन बजरंगबली की विधिपूर्वक पूजा-अर्चना करने से जातक को मनोवांछित फलों की प्राप्ति होती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, चैत्र माह की पूर्णिमा के दिन ही हनुमान जी का जन्म हुआ था। हनुमान जन्मोत्सव के दिन पवनपुत्र की आराधना करने के साथ ही उन्हें सिंदूर, चोला, बूंदी, नारियल, लड्डू और फल-फूल आदि चीजें अर्पित करनी चाहिए। इसके साथ हनुमान जन्मोत्सव के दिन हनुमान चालीसा का भी पाठ अवश्य करें। हनुमान चालीसा का पाठ करने से व्यक्ति को बजरंगबली की विशेष कृपा प्राप्त होती है।

मान्यता है कि इस दिन विधि विधान से पूजा-अर्चना करने से बजरंगबली प्रसन्न होते हैं। वो अपने भक्तों की मन की मुराद पूरी करते हैं। हनुमान उपासना के लिए आज का दिन सबसे उत्तम माना जाता है। इस बार हनुमान जयंती पर दुर्लभ संयोग बना है। सुबह 4 से रात 9 बजे तक पूजा का मुहूर्त बना है। आपको बता दें कि अगस्त्य संहिता और वायु पुराण के अनुसार हनुमानजी की उम्र एक कल्प वर्ष यानी 4.32 अरब साल है।

हनुमान जयंती शुभ मुहूर्त
चैत्र मास की पूर्णिमा तिथि शनिवार, 12 अप्रैल को प्रातः 03:21 बजे प्रारम्भ होगी तथा रविवार, 13 अप्रैल को प्रातः 5:51 बजे समाप्त होगी।

हनुमान जयंती पूजा विधि
हनुमान जयंती पर शाम के समय दक्षिण दिशा की ओर मुख करके लाल वस्त्र और आभूषण पहने हनुमान जी की मूर्ति या फोटो स्थापित करें। लाल आसन पर लाल कपड़ा बिछाएं। घी का दीपक और चंदन की अगरबत्ती या धूपबत्ती जलाएं। चमेली के तेल में नारंगी सिंदूर और चांदी का बुरादा डालें। इसके बाद लाल फूल से आरती करें। दूध या बूंदी का प्रसाद चढ़ाएं। केले भी चढ़ा सकते हैं। दीपक से 9 बार आरती करें और ‘ॐ मंगलमूर्ति हनुमते नमः’ मंत्र का जाप करें।

धन प्राप्ति के उपाय
हनुमान पूजा कोई भी पुरुष या महिला कर सकता है। हनुमान जयंती पर एक खास उपाय करने से धन प्राप्ति का मार्ग मजबूत होता है। हनुमान जी को जल चढ़ाने के बाद पंचामृत चढ़ाएं। तिल के तेल में नारंगी सिंदूर मिलाकर चढ़ाएं। चमेली का इत्र या तेल चढ़ाएं। हनुमान जी को सिर्फ लाल फूल चढ़ाएं। आप गुड़ या गेहूं के आटे की रोटी और चूरमा भी चढ़ा सकते हैं। साथ ही ‘श्री राम भक्ताय हनुमते नमः’ मंत्र का जाप करें।

 

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