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अगर आपके आंगन में भी तुलसी के पत्ते सूख जाते हैं तो जल्द जाने उसके दो कारण

NEWSDESK
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तुलसी – (ऑसीमम सैक्टम) एक द्विबीजपत्री तथा शाकीय, औषधीय पौधा है। यह झाड़ी के रूप में उगता है और १ से ३ फुट ऊँचा होता है। इसकी पत्तियाँ बैंगनी आभा वाली हल्के रोएँ से ढकी होती हैं। पत्तियाँ १ से २ इंच लम्बी सुगंधित और अंडाकार या आयताकार होती हैं। पुष्प मंजरी अति कोमल एवं ८ इंच लम्बी और बहुरंगी छटाओं वाली होती है, जिस पर बैंगनी और गुलाबी आभा वाले बहुत छोटे हृदयाकार पुष्प चक्रों में लगते हैं। बीज चपटे पीतवर्ण के छोटे काले चिह्नों से युक्त अंडाकार होते हैं। नए पौधे मुख्य रूप से वर्षा ऋतु में उगते है और शीतकाल में फूलते हैं। पौधा सामान्य रूप से दो-तीन वर्षों तक हरा बना रहता है। इसके बाद इसकी वृद्धावस्था आ जाती है। पत्ते कम और छोटे हो जाते हैं और शाखाएँ सूखी दिखाई देती हैं। इस समय उसे हटाकर नया पौधा लगाने की आवश्यकता प्रतीत होती है।

भारत की सबसे सस्ती ऑनलाइन शापिंग : ेंहिंदू धर्म में तुलसी के पौधे को बहुत ही शुभ माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार जिस घर में तुलसी का पौधा लगा होता। उस घर में सुख-समृद्धि का वास बना रहता है। और इससे आपके घर का वातावरण भी शुद्ध बना रहता है। तुलसी का पौधा लगाना स्वास्थ्य की दृष्टि से भी बहुत फायदेमंद रहता है क्योंकि इसकी पत्तियाँ का सेवन आपको कई बीमारियों से छुटकारा दिला सकती हैं। लेकिन सही देखभाल ना मिलने के कारण अक्सर तुलसी का पौधा सूख जाता है। या फिर मुरझा जाता है और शास्त्रों के अनुसार तुलसी का पौधा सूखना अच्छा नहीं माना जाता है।
इन 2 कारणों से सूख जाती है घर में लगी तुलसी-
1) तुलसी के पौधे को ज्यादा धूप पसंद नहीं होती है। इसलिए तुलसी का पौधा लगाते समय आप इस बात का ध्यान रखें। कि तुलसी का पौधा ऐसी जगह मौजूद न हो। जहाँ दिन भर तेज धूप रहती है।
2) तुलसी के पौधों को जरूरत से ज्यादा पानी पसंद नहीं होता है। इसलिए तुलसी के पौधे को पानी देते समय आप इस बात का ध्यान रखें। कि आप पौधे को उतना ही पानी दे, जितने की उसे जरूरत हो क्योंकि ज्यादा पानी देने से तुलसी की जड़ों को नुकसान पहुंच सकता है।

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